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Sunday, August 16, 2020

आय अखवार बंद छै | Angika Kavita | अंगिका कविता | अंजनी कुमार शर्मा | Aaay Akhbar Band Chhai | Angika Poetry | Anjani Kumar Sharma


आय अखवार बंद छै | अंगिका कविता | अंजनी कुमार शर्मा  
| Angika Kavita | Angika Poetry | Anjani Kumar Sharma



नै मिलै छै जों भोरे,द्वारी पे अखवार।
लगै छै अनचोके ही,लगी गेलै बुखार।
लगी गेलै बुखार,साथें होय छै खांसी।
बासी न्यूज पढाय पढाय क दै छै नासी।
फलतूवे ने करै छै अखवार के धंधा।
की बुझै छै सबके अखवार वाला अंधा।

आय अखवार बंद छै | अंगिका कविता | अंजनी कुमार शर्मा  
Angika Poetry | Anjani Kumar Sharma






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