Angika Kavita | अंगिका कविता
साधक | Sadhak
रामनंदन विकल | Ramnandan Vikal
पुरबा बयार बांधी
पछिया बयार बांधी
बांधी बैठलाॅ दशो रे दुअरिया
गिङ गिङ बोलै रे बदरिया ।
घटा घनघोर देखौं
मानर मोर देखो
नहीं देखौं बिजुरी अटरिया
गिङ गिङ बोलै रे बदरिया ।
तीर कमान देखो
मुरली महान देखो
नहीं सुनौ तान बसुरिया
गिङ गिङ बोलै रे बदरिया ।
व्यान उदान बांधों
प्राण अपान बांधों
नयना द्वार बांधों ङोरिया
गिङ गिङ बोलै रे बदरिया ।
चाॅद सूरूज बांधों
प्राण पखेरू बांधों
झार झिर झरै रे बदरिया
भिंजी गेलां सगरी नगरिया
गिङ गिङ बोलै रे बदरिया ।

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