Search Angika Kavita Sahitya

Thursday, July 30, 2020

शहीदो के आत्मा | Angika Kavita | Angika Poetry | Anjani Kumar Sharma

Angika Kavita | अंगिका कविता
शहीदो के आत्मा | Sahidow Ke Atma
अंजनी कुमार शर्मा| Anjani Kumar Sharma


करतें रहें दुष्टाहा, कश्मीर के अलाप।
कश्मीर ते नै मिलतौ,मिलतौ सिर्फ विलाप।।


शहीदो के आत्मा अब,देतौ ही कल्पाय।
तरसभैं पाय-पाय ले,देभैं सब गंवाय।।


छिनी लेले पुलवामा में,निरीह के मुस्कान।
के छै सौसे विश्व में,तोरा रं हैवान।।


अंग के लाल रतन भी,देने छै बलिदान।
दुखो भी नै जतैलको,एक बार इमरान।।


दोनों कान खोली के,घुसाय ले शैतान।
झारी ही देतौ भूत,घुसी-घुसी हनुमान।।


जन्मै छै हमरा यहां,छूच्छे सिर्फ सबूत।
तोरा यहां भरलो छौ,लुच्चा सिनी कपूत।।


आतंकी के विरुद्ध,छै दुनिया एकजूट।
के करे देतौ तोरा,घूसपैठ औ लूट।।


के छोङतौ तोरा जों करतें रहबें जंग।
खुरफाती में अंजनी,मूं होतौ बदरंग।। 

अंजनी कुमार शर्मा, बलाॅक रोड, 
सुलतानगंज, वार्ड-9, भागलपुर-813213 
 

Angika Kavita | अंगिका कविता
शहीदो के आत्मा | Sahidow Ke Atma
अंजनी कुमार शर्मा| Anjani Kumar Sharma

 

No comments:

Post a Comment

Search Angika Kavita Sahitya

Carousel Display

अंगिकाकविता

वेब प नवीनतम व प्राचीनतम अंगिका कविता के वृहत संग्रह

A Collection of latest and oldest Angika Language Poetries , Kavita on the web




Search Angika Kavita Sahitya

संपर्क सूत्र

Name

Email *

Message *