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Thursday, July 30, 2020

अंगिका दोहा | Angika Kavita | Angika Poetry | Anjani Kumar Sharma

Angika Kavita | अंगिका कविता
अंगिका दोहा | Angika Doha
अंजनी कुमार शर्मा| Anjani Kumar Sharma


संक्रमण लेली ढेर, जे करलकै उपाय।
लेतै सबने मिली के, वोकरा अब चबाय।।1


सोच पसरै के दिल में, गेलै आय समाय।
अतरी में रही जैतै, लूट के सब कमाय।।2


कोरोना फैलाय के, बनलै चीन महान।
शेखी बघाड़ी क फेरु, दिखवै छै अब शान।।3

बदला लेल ही भिड़लै, अमरिका औ ब्रिटेन।
टपकैते चीन सागर में लतकुच्चा फेन।।4


हरमुठ क करतै घेरी के अब पदनी ढील।
खोजला से नै मिलतै, कन्नो एक्को बील।।5


कांपै छै जे सुनी के, मोदी जी क दहाड।
उछलतै ढेर अंजनी, थकुचवैते कपाड़।।6


पाक से मिली लफंगर, करै खूब साजीश।
निपटै लेली भारतो, करै तेल मालिश।।7


आवे लेतौ बढ़ी के, तिब्बत औ कैलाश।
नै होलो छो अभी भी, तोरा कुछ आभाष।।8


ऊसके लगलौ आवे, भेनाड़ी नेपाल।
शह मिलला पे करै छै, रोजे रोज बबाल।।9


गीदड पाक ही करतौ, तोरा अब बर्बाद।
विस्तार वादी से तों, नै होभें आबाद।।10


अंजनी कुमार शर्मा, ब्लॉक रोड सुलतानगंज, भागलपुर-813213
मो0-7870825272 
 

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