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Wednesday, June 17, 2015

सौभाग्यशाली तोंय | अंगिका कविता | कुंदन अमिताभ

सौभाग्यशाली तोंय


— कुंदन अमिताभ —


तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ
तोंय कत्तॆ नसीबवाला छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ भूली जाय छहॊ
तोंय भूली जाय छो कि सौभाग्यशाली छहॊ
जबॆ भूली जाय छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ याद राखै छहॊ
तोंय याद पारनॆ राखै छो कि दुर्भाग्यशाली छहॊ
जबॆ याद राखै छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ भूली जाय छहॊ
तोंय भूली जाय छो कि लायक छहॊ
जबॆ भूली जाय छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ याद राखै छहॊ
तोंय याद पारनॆ राखै छो कि नालायक छहॊ
जबॆ याद राखै छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ भूली जाय छहॊ
तोंय भूली जाय छो कि दोषी छहॊ
जबॆ भूली जाय छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ याद राखै छहॊ
याद पारनॆ राखै छो कि दुनिया दोषी तोंय निर्दोष छहॊ
जबॆ याद राखै छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ भूली जाय छहॊ
तोंय भूली जाय छो कि आत्मज्ञानी छहॊ
दुःख तोरा आत्मा दन्ने लॆ जाय छै
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ याद राखै छहॊ
याद पारनॆ राखै छो कि तोंय अज्ञानी छहॊ
जबॆ याद राखै छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ भूली जाय छहॊ
तोरा लगाँ सब कुछ छौं —
विवेक, हँसी, सेवा, मौन, गाना, नाचना, विनोद, दान, उत्सव सब
जबॆ भूली जाय छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


तोंय अक्सर इ याद राखै छहॊ
याद पारनॆ राखै छो कि तोरा लगाँ कुछ नै छौं –
बस छौं तॆ चुगली, समस्या, जटिलता, हठता
जबॆ याद राखै छहॊ दुःखी रहै छहॊ
इ याद रखै के बात छेकै
आरू अनुभव करै के भी
तभिये तोरा पता चलथौं
तोंय कत्तॆ सौभाग्यशाली छहॊ


Angika Poetry : Soubhagyashali Toein
Poetry from Angika Poetry Book : Sarang
Poet : Kundan Amitabh

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