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Friday, June 12, 2015

आम तोरा सॆं डॊर लगै छै


आम तोरा सॆं डॊर लगै छै 

--- कुंदन अमिताभ ---

आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै

आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

टिकोला  कैरी तलक  तॆ ठीक छै
पना चटनी अचार  भी नीक छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

अमचूर  आमखटाई तलक  तॆ ठीक छै
गुरम्मा जैम  मुरब्बा भी नीक छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

आमी गाछी के अंतर्छाल केरॊ क्वाथ तलक तॆ ठीक छै
मंजर छाल  जड़  पत्ता  भी नीक छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

गाछी मॆं पकलॊ बीजू  कलमी तलक तॆ ठीक छै
भुस्सा मॆं गारी कॆ पकलॊ मालदह दशहरी भी नीक छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

गाछी मॆं पकलॊ चौसा  फजली तलक तॆ ठीक छै
भुस्सा मॆं गारी कॆ पकलॊ केशर किसनभोग भी नीक छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

गाछी मॆं पकलॊ हिमसागर जरदालू तलक तॆ ठीक छै
भुस्सा मॆं गारी कॆ पकलॊ हापुस आम्रपाली भी नीक छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

गाछी मॆं पकलॊ लँगड़ा मलगोवा तलक तॆ ठीक छै
भुस्सा मॆं गारी कॆ पकलॊ बम्बईया, कलकतिया भी नीक छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

प्राकृतिक ढंग सॆं  पकलॊ आम तलक तॆ ठीक छै
भुस्सा मॆं गारी कॆ, लारॊ सॆं भरलॊ डब्बा मॆं पकाना भी नीक छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

प्राकृतिक ढंग सॆं  पकलॊ आम जहाँ कैंसर  तक भगाबै छै
भुस्सा लारॊ मॆं गारी कॆ पकलॊ आम भी देहॊ के दोष भगाबै छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
पर चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

कार्बाइड  सॆं  पकलॊ आम जहाँ देहॊ के दोष बढ़ाबै छै
कार्बाइड  सॆं  पकलॊ आम  वहीं कैंसर तलक फैलाबै छै
कार्बाइड सॆं  पाकलॊ -घुललॊ  लाल सिंदुरी आम
चोभै मॆं जी हद तलक हदियाबै छै
आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

आम तोरा सॆं कहलॊ नै जाय छै
आम  अबॆ तोरा सॆं डॊर लगै छै

Angika Poetry : Aam Tora Sein dor lagei chhai
Poetry from Angika Poetry Book : Sarang
Poet : Kundan Amitabh
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